
दोस्तों आज मैं आपको एक अपनी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ, इस कहानी में मेरे साथ जो लड़की है उसकी क्लिप की सील मैंने तोड़ी आज मैं आपको अपने शब्दों में बयाँ कर रहा हूँ, आशा करता हूँ, की आपको यह मेरी एक सच्ची कहानी दोस्तों शायद ये मेरी जिंदगी का सबसे खुशनसीब पल था वो पहले से पांचवे दिन तक। अब मैं आपका समय खराब नहीं करता मैं अपनी चुदाई की कहानी सुना रहा हूं।
मैं 36 साल का हूं, मैं टीचर हूं, और घर पे टूशन भी पढ़ता हूं, आज जो मैं कहानी आपको सुना रहा हूं, वो मेरी एक लड़की है, जिसका नाम सिमरन है, सिमरन तेरह साल की है, गजब की खूबसूरत लड़की है , भगवान ने क्या सुंदर चेहरा दिया है, उनकी छोटी छोटी गुड़ियां जिसपे हलके गुलाबी रंग की भुजाओं वाली गजब की लगती हैं,
यार क्या बताएं अयामां तैसा तैसा सी छोटी छोटी जब मेरे हाथ में आती है तो मेरा तन बदन में आग लग जाती है, और मेरा लौड़ा सामान ले जाता है, मेरी दृष्टि तेज हो जाती है और उसी समय उसी बातचीत में पति और उसके दोस्तों की गर्मी भर जाती है और तेजी से सांस लेती है जब मेरे शरीर को छूती है तब मुझे शकुन होता है।
सिमरन मेरी बात से काफी प्रभावित हुई, वो मुझे अपना सब कुछ दिखाने के लिए धीरे-धीरे तैयार हो गई, मुझे तो पहले लगा कि ये गलत है पर मैं भी एक इज्जत को चोदना चाहती थी, क्यों की तुम्हें तो पता है, हर मर्द की ये चाहत होती है की वो जो आज तक चूदी ना हो का मतलब लड़की को चोदे, ऐसे तो मैं शादी शुदा हूँ, पर मुझे पता ही नहीं चला की मेरी बीवी वर्जिन की चूदी हुई थी। मुझे हमेशा से लालसा होती थी कि मैं किसी ऐसी लड़की से सेक्स संबंध बनाऊं जो पहले से कभी चुदी हुई ना हो।
सिमरन का हाव भाव देखकर मुझे लगा कि वो मुझे पसंद है, वो भी सिर्फ सेक्स संबंध बनाने के लिए, क्यों उसकी कही थी कि मैं चाहती हूं कि मैं सेक्स को जान लू, फिर मैं अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाऊं शायद वो सही बोल रही थी, फिर मछली के मूसल और हाव भाव ने मुझे प्रेरित किया और धीरे-धीरे गाल से चढ़कर होठ को छुआ, जब मैंने उसके दोनों गुलाबों की पंखुड़ी सी होठ को छुआ था वो वो सलाह थी,
बस ना करो कृपया, आप तो छु कर छोड़ दें हो और मैं चिंताग्रस्त रहता हूं, मैंने भी पूछा था कि किस चिंता में रहता हूं तो वो लजा गया था, और कहा था कि मैं बोल नहीं सकता… मुझे भी उसकी होठ को बोलना बहुत अच्छा लगता था, धीरे-धीरे धीरे-धीरे मैं उसके बालों पर हाथ फेरने लगा ऊपर से, वो कुछ भी नहीं बोलती थी, मैं कभी भी जबर्दश्ती नहीं की थी, वो खुद ही चाहत थी की मैं उसे छूती थी,
एक दिन की बात है, मेरी पत्नी तीन चार घंटे के लिए बाहर गई थी, मैंने उसकी चोटी को छू लिया, वो मेरा हाथ पकड़ ली और अपनी पतली आंखों से निहारने लगी, वो निहारते रही और मैंने उसकी चोटी के ऊपर से हाथ पकड़ लिया। और उसके बालों को क्रीड़ा लगाया, फिर मैंने खड़ा किया और उसके रसीले होठों को क्रीड़ा लगाया, वो भी मेरे होठों को डीप किश कर रही थी,
मैंने अपने में सटा के उसकी दोनों गांड को पकड़ कर अपने लौड़े से सटा लिया, तभी वो छत कर गम गई अब उसकी गांड मेरे लौड़े के पास गई और मैंने ऊपर से ही लौड़े को उसकी गांड में रेंगने लगा, वो व्याकुल हो गई और मेरे बालों को सहलाने लगी। तभी मैंने उसके केपरी में हाथ छोड़ते हुए कहा कि वो मुझे रोक दिया, मेरा हाथ पकड़ लिया, मैंने कहा क्यों तो बोलो मैं अभी ये नहीं कर सकता।
मैंने कहा ठीक है कुछ भी नहीं करना पर मुझे पढ़ना तो दो. तो उसने कहा नहीं अभी मैं ठीक नहीं हूं, मैंने कहा क्या तो बोली अरे आप समझ नहीं रहे हो। अभी तीन दिन ही हुए हैं. अभी दो दिन और बाकी है. मुझे समझ आया कि महवारी हुई ही. पर मैं खुश था आज नहीं तो दो दिन बाद ही सही। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और टॉप को ऊपर कर दिया, और फिर से ज़ूम इन किया। क्रिकेट के बालों की तरह बचपन की प्यारी थी, मैंने उसकी चूच से मजाक किया।
वो भी मजे लेने लगी. फिर मुझे हॉट को भी क्रिएटिव लगा. और फिर दोनों पैर के ऊपर कर दिया और बिच में बैठ कर कपडे के ऊपर से ही लौड़ा खींचने लगा। वो खूब मजे ले रही थी और मैं भी मजे ले रहा था पर नजर के सामने। कुछ देर बाद मैं झुंझला गया, क्यों की मुझ पर विश्वास करने का मन किया गया था, फिर मैंने शैतान में जेक मुठ कार ले ली।
और फिर वापस ग्यान दिया, और कहा, वो बोली किसी ने कभी नहीं कहा, ये बात, तुम मुझे बहुत अच्छी लगी हो। वो बहुत खुश थी. अब तो वो मेरे पास रोज ज्यादातर समय तक पढ़ने लगी। और फिर मुझे भी बहुत मजा आया. उसके बाद तीन चार दिन तक मैं और मेरी पत्नी दोनों फिर चले, पत्नी रुक गई और मैं वापस आ गया,
सिमरन भी आ गई। वो जैसे ही आई. मैंने तुरंत दरवाजा बंद कर दिया और बेड रूम में ही फोन किया और फिर हग कर के घर में बिजनेस लगा लिया। और फिर उसकी होठ क्रीड़ा लगा. वो मना नहीं कर रही थी. फिर मैंने उसकी बुर पर हाथ फेरा और फिर मैंने अपना हाथ अंदर कर दिया, ओह्ह्ह उसकी बुर काफी गर्म हो गई थी, और पानी पानी हो गया था।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया, और फिर केप्री खोल दी। ऊपर से मैंने उसकी पोशाकें भी उद्धृत कीं, मैंने उसकी चुची को मुंह में लिया और क्रीड़ा लगाई। आह वो अहा उफ़ यह उफ़ आउच आ आ आ आ आ कर रही थी. मैंने उसके टांग को ऊपर कर दिया और उसकी बूर को देखने लगा।
मैंने पहले ही सोच लिया था कि कभी सोचा नहीं जा सकता। मैंने उसकी बुर को देखा तो अन्दर कोई भी छेद नहीं दिखा रहा था। मैंने चिर कर भी देखा तो भी कुछ नहीं देखा था, उसके बाद मैंने अपनी जीभ लीं वो स्विंग पैड। बोली नहीं मैंने कहा कुछ नहीं होगा चुप हो जाओ. फिर उसने मन कर दिया और खड़ी हो गई और कपडा फिर से पहन ली।
मैं भी थोड़ा नाराज़ हो गया था कि ये क्या हो रहा है।
वो बोली मुझे थोड़ा समय दो. अभी मैं यह लूक नहीं हुई हूं, मैंने कहा क्यों नहीं हुई है यार यही तो राइट टाइम है। वो बोली थोड़ा और समय दो. मैं पहले अपने मन को तो समझा लू. मेरी एक सहेली के साथ सेक्स संबंध बनने से वो बोली है कि बहुत दर्द होता है। मुझे भी डर लग रहा है. मुझे कोई डर नहीं होना चाहिए तुम्हारा और भी मजा आएगा, वो बोली ठीक है।
अल्प समय 2. मैंने भी सोचा जल्दवाजी नहीं करनी है तो ये हाथ से निकल जाएगा। वो दूसरे दिन आई. मैं नाराज था, वो बोली नाराज हो क्या? मैंने कहा तुम काम ही यही करते हो. नाराज़ कैसे ना होऊँ, तो बोली मैंने किसी चीज़ के लिए मना किया, मैं चुप रह रही हूँ वो मेरा सर उठा के मेरी आँखों में आँख डाल कर बोली। की नाराजगी क्यों हो रही हो.
मैंने उसकी होठ को डोलियाँ या फिर उसके अज़लेबों को हिलाया। फिर लिटा दिया और एक कपडे उकेरते हुए, वो शर्मा रही थी
मैंने कहा ले तुम अपना मुंह ढक लो और वो अपने ही टॉप से अपने चेहरे को ढक लो और फिर मेरे सामने वो नंगी लीला रही मैं उसके बदन के एक हिस्से को निहारूं रहा था, ताकि मैं इस चीज को सबसे ज्यादा दिन तक याद रख पाऊं, फिर उसके टांग को अलग कर के उसके बूर को फिर से लाल रंग के अंदर देखा, उसमें भी छेद नहीं दिख रहा था। फिर मैंने कहा क्या मैं छोड़ दूँ, और ये कहा अपना मोटा लंड निकाल कर वो चुप रही.
मैंने फिर पूछा डालू वो चुप रही. फिर मैंने अपना लंड उसकी बुर पे सेट किया और अंदर की कोशिश करने लगा। उसका बूर एक दम साफ सुथरा था हलके बल्कि भूरे भूरे बाल थे, मुझे लग गया था कि इतनी छोटी सी जगह मेरे लंड में रहेगी। और मैं कोशिश करने लगा.
वो कहे जा रही थी दर्द हो रहा है. दर्द हो रहा है. मैं डेलसा दे रहा था अभी दर्द कम हो जाएगा, और फिर से अपने लंड के छेद के अंदर कोशिश करने लगा और फिर से उसके लंड के अंदर नहीं जा रहा था, करीब पांच मिनट की कोशिश में मेरा लंड अंदर नहीं गया और फिर से दर्द उठ गया और आंखों में आशु के लिए अपने कपड़े ले लो। मेरे जैसा पहली बार थोड़ा सा ऐसा लग रहा है फिर ठीक हो जाएगा,
दूसरे दिन फिर वो आई और फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पे रखा और इस बार करीब एक इंच अंदर गई और वो देखने लगी निकलो पर मैं नहीं दूसरा और मैं वो दर्द से छटपटा रही थी मैं थोड़ा रुक गया और फिर शांत रह गया बोला , करीब एक मिनट बाद मैंने फिर से संकेत दिया और उसकी चूची को सहलाया, और उसके होठों पर किश किया, वो भी किश करने लगी और मैं धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा।
वो अपने होठों को अपनी जीभ से चाट रही थी। और मैं उसके कान के बारे में सोच रहा था और होले होले इंप्रेशन दे रहा था, फिर मैंने पूछा कि क्या लग रहा है। वो बोली अब ठीक लग रही है. मैं फिर धीरे-धीरे स्पीड स्केल और वो भी साथ ले गई,
पहले वो पीछे की तरफ खींचती थी पर अब वो थोड़ा सा आगे की ओर ले गई। फिर करीब पांच मिनट बाद वो भी इनर्जिवेशन लगी। और मैंने भी जोर से संकेत दिया, करीब दस मिनट बाद मैंने देखा और वो भी शांत हो गया। जब मैं लंदन गया तो देखा कि लंदन में गहरा प्रभाव पड़ा था
और फिर जब मैंने उसकी बुर के पहाड़ को देखा तो अंदर लाल लग रहा था, मुझे बिस्वास नहीं हो रहा था कि मेरा इतना मोटा लंड जाएगा।
फिर क्या बताएं दोस्तों मैंने कई सारी इंटरनेट पे क्लिप देखी, आठ साल की लड़की की चुदाई का, पर मुझे सबसे अच्छी सिमरन की चुदाई ही लगी,
अब रोज रोज नहीं बल्कि कभी जब मेरी बीवी नहीं होती घर पर मैं सिमरन को चोदता हूं , मैं भी नहीं चाहता कि रोज़-रोज़ से काम ख़त्म हो जाए मैं धीरे-धीरे ही अपने जीवन का आनंद लेना चाहता हूँ,